निवाड़ी जिले के दो सरकारी हाईस्कूलों में कक्षाएँ उस दिन सामान्य दिनों जैसी नहीं रहीं। लोकशिक्षण संचालनालय से संयुक्त संचालक श्री एचएन नेमा बिना पूर्व सूचना पीएम श्री हाईस्कूल धौर्रा और हाईस्कूल नैगुवां पहुँचे और सीधे बच्चों के बीच जाकर पढ़ाई का स्तर परखा। औचक निरीक्षण का मतलब यही होता है — स्कूल को तैयारी का समय नहीं मिलता और जो स्थिति रोज़ रहती है, वही सामने आती है।

किताब का सवाल, ज़िंदगी का जवाब

संयुक्त संचालक ने छात्र-छात्राओं से पाठ्यक्रम के अलग-अलग विषयों पर बातचीत की। प्रकाश का परावर्तन, वर्ण विक्षेपण और अपवर्तन, ओजोन परत तथा ज्यामितीय गणित से जुड़े सवाल पूछे गए। ज़ोर इस बात पर रहा कि किताब में लिखी ये अवधारणाएँ व्यावहारिक जीवन में कहाँ-कहाँ दिखाई देती हैं और बच्चे उन्हें खुद कैसे खोज सकते हैं।

खास बातें

  • संयुक्त संचालक एचएन नेमा ने पीएम श्री हाईस्कूल धौर्रा और हाईस्कूल नैगुवां का बिना पूर्व सूचना निरीक्षण किया।
  • प्रकाश का परावर्तन, वर्ण विक्षेपण, अपवर्तन, ओजोन परत और ज्यामिति पर पूछे सवालों के छात्रों ने संतोषजनक जवाब दिए।
  • पुस्तकालय प्रतिदिन संचालित करने, रिकॉर्ड अपडेट रखने और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए।

रिपोर्ट के मुताबिक बच्चों की ओर से संतोषजनक जवाब मिले। यह किसी औपचारिक परीक्षा का नतीजा नहीं, बल्कि कक्षा में हुई सीधी बातचीत का आकलन है।

लैब, लाइब्रेरी और गतिविधियों की पड़ताल

निरीक्षण सिर्फ़ पढ़ाई तक सीमित नहीं रहा। संस्था प्रभारी से प्रयोगशाला, अटल टिंकरिंग लैब, एफएलएन कक्षाओं तथा सांस्कृतिक और खेलकूद गतिविधियों के बारे में जानकारी ली गई। एफएलएन यानी बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान वाली कक्षाएँ छोटे बच्चों की नींव तैयार करती हैं, जबकि अटल टिंकरिंग लैब बच्चों को खुद प्रयोग और मॉडल बनाने का मौका देती है।

पुस्तकालय के निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए गए कि पुस्तकालय प्रतिदिन संचालित हो और उसका रिकॉर्ड अपडेट रखा जाए। कई स्कूलों में लाइब्रेरी कमरे में किताबें तो रहती हैं, पर ताला खुलने का कोई तय समय नहीं होता — निर्देश का सीधा असर इसी पर पड़ना है।

भोजन, परिसर और छात्राओं की उपस्थिति

संयुक्त संचालक ने मध्याह्न भोजन व्यवस्था की गुणवत्ता में सुधार करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय परिसर को और आकर्षक बनाने तथा छात्राओं की उपस्थिति शत-प्रतिशत करने को कहा गया। ये तीनों अभी निर्देश हैं, इन पर अमल स्कूल स्तर पर होना बाकी है।

इसी क्रम में जिला स्तरीय सेवा संकल्प अभियान 2026 का आयोजन पीएम श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निवाड़ी में किया गया। यहाँ जिला स्तरीय चित्रकला प्रदर्शनी का भी निरीक्षण किया गया, जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी निवाड़ी उन्मेष श्रीवास्तव और एपीसी भगवत सिंह परिहार मौजूद रहे।

अभिभावकों के लिए इसका व्यावहारिक मतलब यह है कि पुस्तकालय अब रोज़ खुलना चाहिए और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर स्कूल जवाबदेह है। इन बिंदुओं पर शिकायत या सुझाव जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, निवाड़ी तक पहुँचाए जा सकते हैं।