मुरैना के शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में शुक्रवार को विद्यार्थियों के सामने एक सीधी बात रखी गई — 'डिजिटल अरेस्ट' नाम की कोई कानूनी व्यवस्था देश में है ही नहीं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित साइबर सुरक्षा विषय के इस विशेष व्याख्यान में ई-दक्ष केन्द्र, जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी के वरिष्ठ प्रशिक्षक श्री विज्ञान अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

श्री अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध के उन तरीकों से परिचित कराया, जो आजकल सबसे ज्यादा चलन में हैं — डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया अकाउंट की हैकिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी। हर तरीके के साथ उन्होंने बचाव के उपाय भी बताए।

खास बातें

  • ई-दक्ष केन्द्र के वरिष्ठ प्रशिक्षक विज्ञान अग्रवाल ने ओटीपी, पासवर्ड और बैंक जानकारी किसी अनजान से साझा न करने की सलाह दी।
  • विद्यार्थियों को बताया गया कि 'डिजिटल अरेस्ट' नाम की कोई कानूनी व्यवस्था है ही नहीं — संदिग्ध कॉल तुरंत काट दें।
  • चित्रकला प्रतियोगिता के सात विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और शील्ड देकर सम्मानित किया गया।

ओटीपी और पासवर्ड किसी के साथ नहीं

प्रशिक्षक ने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी या कोई भी निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। साइबर ठगी के ज्यादातर मामलों की जड़ यहीं से शुरू होती है।

डिजिटल अरेस्ट को लेकर उन्होंने स्थिति और साफ की। यदि कोई संदिग्ध कॉल, संदेश या वीडियो कॉल के जरिए डराने या दबाव बनाने की कोशिश करे, तो घबराने की जगह तत्काल कॉल काट देना चाहिए। इसके बाद संबंधित विभाग या संस्था से खुद संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए — यही सबसे भरोसेमंद रास्ता है।

'तकनीक का उपयोग ज्ञान और नवाचार में हो'

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य श्री मनोज कुमार सक्सेना ने की। उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी परिवेश में विद्यार्थियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ-साथ साइबर सुरक्षा की जानकारी रखना भी उतना ही जरूरी हो गया है।

प्राचार्य ने विद्यार्थियों से तकनीक का उपयोग ज्ञान, नवाचार और राष्ट्रहित में करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि साइबर सुरक्षा के प्रति खुद जागरूक रहने के साथ दूसरों को भी जागरूक करना विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है।

चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित

इसी अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत हुई चित्रकला प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। अंकित, गुलशन कुमार, हरीशचन्द्र प्रजापति, केतन, शिवम शाक्य, संजीव कुमार सोलंकी और विवेक प्रजापति को प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड प्रदान की गई।

कार्यक्रम में नोडल अधिकारी श्री दिलीप गांगिल और श्री कपिल राजे के साथ महाविद्यालय के शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

व्याख्यान में दी गई सलाह किसी भी मोबाइल उपयोगकर्ता के काम की है — अनजान नंबर से आए लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी साझा न करें, और डराने वाली कॉल आने पर पहले उसे काटें, फिर संबंधित दफ्तर से खुद पुष्टि करें।