वर्षों से जिस घर में परिवार की पीढ़ियां रहती आईं, जिस जमीन पर बच्चों का बचपन बीता और जिसे अपना घर मानकर जीवन आगे बढ़ाया, अब उस जमीन पर विधिवत कानूनी अधिकार का दस्तावेज भी परिवार के पास है। बरगवां तहसील के ग्राम बेतहाडांड निवासी श्री चित्रकोट कोल एवं उनकी पत्नी श्रीमती शिवरानी कोल के लिए प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत मिला अधिकार अभिलेख इसी खुशी और संतोष का अवसर लेकर आया है।
194 वर्गमीटर के आवासीय भूखंड का अधिकार अभिलेख प्राप्त होने के बाद चित्रकोट कोल के परिवार को वर्षों से जिस आवासीय भूमि पर वे निवास कर रहे थे, उस पर विधिवत अधिकार प्राप्त हुआ है। उनके लिए यह केवल कागज का एक दस्तावेज नहीं, बल्कि अपने घर और जमीन को लेकर लंबे समय से बनी असुरक्षा को दूर करने वाला महत्वपूर्ण प्रमाण है।
चित्रकोट कोल का परिवार वर्षों से इसी भूमि पर रहकर अपना जीवन यापन कर रहा था। घर भले ही उनका था, लेकिन अब तक उस भूमि का विधिवत अधिकार अभिलेख उनके पास नहीं था। प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्राम के आबादी क्षेत्र का आधुनिक तकनीक एवं ड्रोन मैपिंग से सर्वेक्षण हुआ। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें खसरा/ब्लॉक प्लॉट क्रमांक 349 (ठ)-7 (प) के लिए अधिकार अभिलेख प्रदान किया गया।
अधिकार अभिलेख मिलने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। अब उनके पास अपनी आवासीय भूमि से संबंधित विधिवत दस्तावेज है। शासन द्वारा संपदा पोर्टल के माध्यम से ई-स्टाम्प, आधार सत्यापन एवं पंजीयन की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी तरीके से पूरा किया गया तथा यह सुविधा हितग्राही को निःशुल्क उपलब्ध कराई गई।
चित्रकोट कोल के परिवार के लिए स्वामित्व योजना ने उनके घर को केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि विधिवत अधिकार वाली संपत्ति के रूप में पहचान दी है। अब उन्हें अपने भविष्य को लेकर अधिक भरोसा है। अधिकार अभिलेख के माध्यम से संपत्ति से संबंधित नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही करने और पात्रता एवं बैंकिंग नियमों के अनुसार भविष्य में वित्तीय सुविधाओं का लाभ लेने की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।
वर्षों से जिस जमीन को अपना घर मानकर जीते आए, आज उसी जमीन का कानूनी दस्तावेज हाथ में है। प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के माध्यम से चित्रकोट कोल जैसे ग्रामीण परिवारों को उनकी आवासीय संपत्ति का वैधानिक अधिकार उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पहल परिवारों के लिए केवल संपत्ति का दस्तावेज नहीं, बल्कि अधिकार, सुरक्षा और आने वाले कल के प्रति विश्वास का आधार बन रही है।


