देवास के एक हॉल में शुक्रवार को फर्श पर बिछी हरी दरी ही कैनवास बन गई। कहीं तिरंगे के रंग, कहीं मेट्रो और रॉकेट, तो कहीं साफ-सुथरा गाँव और लहलहाते खेत — जिले के करीब 400 विद्यार्थियों ने ‘विकसित भारत, मेरे सपनों का भारत’ को अपने-अपने ढंग से कागज पर उतारा। मौका था सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी का।

आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में जिले के 350 शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के लगभग 400 विद्यार्थी शामिल हुए। सरकारी और निजी, दोनों तरह के स्कूलों के बच्चे एक ही आयोजन में एक ही विषय पर आमने-सामने बैठकर चित्र बनाते दिखे। कार्यक्रम में हाटपीपल्या विधायक मनोज चौधरी, राय सिंह सेंधव, महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल, राजेश यादव, बहादुर मुकाती तथा शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

खास बातें

  • जिले के 350 शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के लगभग 400 विद्यार्थियों ने चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लिया।
  • विषय रहा ‘विकसित भारत, मेरे सपनों का भारत’; बनाए गए चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
  • भाषण प्रतियोगिता के चार विजेताओं सहित चित्रकला के सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।

चित्रों की प्रदर्शनी बनी आयोजन का दूसरा आकर्षण

प्रतियोगिता के साथ ही विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। विभाग के अनुसार उपस्थितजनों ने इन चित्रों को देखा और सराहा। प्रदर्शनी का मकसद यही था कि बच्चों की कल्पना सिर्फ निर्णायकों तक सीमित न रहे, बल्कि वहाँ मौजूद हर व्यक्ति तक पहुँचे।

चित्रकला प्रतियोगिता में शामिल सभी विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। यानी इस आयोजन में केवल चुनिंदा विजेताओं को नहीं, बल्कि हर प्रतिभागी को मंच और सम्मान मिला।

छह विकासखंडों के वक्ताओं ने रखे अपने विचार

कार्यक्रम में जिले के छह विकासखंडों से भाषण प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को भी आमंत्रित किया गया था। इन विद्यार्थियों ने ‘विकसित भारत, मेरे सपनों का भारत’ विषय पर अपने विचार और भविष्य के भारत को लेकर अपने सपने साझा किए।

विद्यार्थियों के भाषणों में शिक्षा, तकनीक, स्वच्छता, पर्यावरण, रोजगार, आत्मनिर्भरता और देश के विकास से जुड़े विषय शामिल रहे। भाषण प्रतियोगिता के चार विजेता विद्यार्थियों को कार्यक्रम के दौरान पुरस्कृत किया गया।

शिक्षा विभाग के अनुसार आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, अभिव्यक्ति की क्षमता और राष्ट्र निर्माण के प्रति सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करना था। जिन अभिभावकों और स्कूलों को ऐसे आयोजनों में रुचि है, वे आगे की प्रतियोगिताओं और तिथियों की जानकारी अपने विकासखंड शिक्षा कार्यालय या स्कूल प्रबंधन से ले सकते हैं।