ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला पंचायत जबलपुर द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों के परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में ग्राम पंचायतों द्वारा अपने स्त्रोत से प्राप्त राजस्व ( Own Source Revenue) के अंतर्गत जिले ने एक करोड़ एक हजार रुपये की कर वसूली का महत्वपूर्ण आंकड़ा हासिल कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ जबलपुर जिला पूरे मध्यप्रदेश में द्वितीय स्थान पर है।
जिले की ग्राम पंचायतों द्वारा अभी तक 1 लाख 14 हजार 655 परिवारों से कर की वसूली की गई है। यह उपलब्धि ग्राम पंचायतों को अपनी आय के स्रोतों को मजबूत करने तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों से विकास कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
45 सेक्टर में विभाजित कर की गई प्रभावी मॉनिटरिंग:-
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के पीछे जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक गेहलोत के नेतृत्व में की गई निरंतर मॉनिटरिंग एवं मैदानी स्तर पर प्रभावी कार्ययोजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जिले को 45 सेक्टरों में विभाजित कर करारोपण एवं कर वसूली की नियमित समीक्षा की गई, जिससे ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन पर लगातार नजर रखी जा सकी।
इसके साथ ही कम प्रगति वाली ग्राम पंचायतों को चिन्हित कर उनकी विशेष मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई। सप्ताह के प्रत्येक कार्य दिवस में प्रतिदिन 10 कम कर वसूली वाली ऐसी ग्राम पंचायतों को जिला पंचायत स्तर पर बुलाकर कर वसूली की प्रगति की समीक्षा की जाती है, साथ ही उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन एवं लक्ष्य प्राप्ति के लिए कार्ययोजना उपलब्ध कराई जाती है।
आत्मनिर्भर पंचायतों की ओर मजबूत कदम:-
स्वयं के स्त्रोत से प्राप्त राजस्व ( own Source Revenue) में वृद्धि का सीधा लाभ ग्राम पंचायतों को मिलेगा। स्थानीय स्तर पर कर वसूली के माध्यम से पंचायतों की स्वयं की आय में वृद्धि होने से वे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास एवं जनहित के कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेंगी।
जिला पंचायत जबलपुर द्वारा कर वसूली को केवल राजस्व संग्रह का माध्यम न मानकर “ आत्मनिर्भर पंचायत-सशक्त पंचायत ” की अवधारणा से जोड़ा गया है। जिले की ग्राम पंचायतों को वित्तीय रूप से सक्षम बनाने के लिए करारोपण एवं वसूली की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के प्रयास निरंतर जारी हैं।
जबलपुर जिले की यह उपलब्धि पंचायतों की वित्तीय आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। जिले को मिली इस बड़ी उपलब्धि पर जिला पंचायत के अधिकारियों-कर्मचारियों ने सीईओ अभिषेक गहलोत को बधाई दी।
क्रमांक/ 3543 /सितम्बर- 367 आनंद जैन

